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डायबिटीज (Diabetes) : कारण, लक्षण, घरेलू उपाय और जरूरी प्रो टिप्स

डायबिटीज

डायबिटीज क्या है?

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और बिगड़ती जीवनशैली की वजह से डायबिटीज (मधुमेह) एक आम लेकिन खतरनाक बीमारी बनती जा रही है। भारत में हर दसवां व्यक्ति डायबिटीज का शिकार है, और कई लोग तो इसे पहचान भी नहीं पाते जब तक ये गंभीर न हो जाए। आइए इस ब्लॉग में विस्तार से जानें कि डायबिटीज क्या होती है, इसके लक्षण क्या हैं, कारण क्या हो सकते हैं, और इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।

डायबिटीज क्या है?

डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है जिसमें शरीर में ग्लूकोज (शुगर) की मात्रा असामान्य रूप से बढ़ जाती है। यह तब होता है जब शरीर या तो इंसुलिन नहीं बनाता या उसका उपयोग सही तरीके से नहीं कर पाता। इंसुलिन एक हार्मोन है जो शुगर को ऊर्जा में बदलने का काम करता है।

 

डायबिटीज के प्रकार

1. टाइप-1 Diabetes : यह एक ऑटोइम्यून स्थिति है जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है। आमतौर पर बच्चों और युवाओं में होता है।

2. टाइप-2  Diabetes : यह सबसे आम प्रकार है जो ज्यादातर खराब जीवनशैली और मोटापे के कारण होता है।

3. Gestational Diabetes:  गर्भवती महिलाओं को हो सकता है और यदि समय रहते नियंत्रण न किया जाए तो माँ-बच्चे दोनों के लिए जोखिम बन सकता है।

डायबिटीज होने के मुख्य कारण

• असंतुलित आहार और जंक फूड का सेवन

• मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी

• अनुवांशिकता जेनेटिकल (परिवार में किसी को डायबिटीज होना)

• नींद की कमी और लगातार तनावधूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन।

डायबिटीज के प्रमुख लक्षण

बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास और भूख लगना, थकान महसूस होना, घाव या कट का धीरे भरना, वजन कम होना बिना किसी कोशिश के नजर धुंधली होना, त्वचा में खुजली या संक्रमण आदि।

  • मेथी दाना: रोज सुबह खाली पेट मेथी के दानों का पानी पीना फायदेमंद होता है।
  • करेला जूस: करेला प्राकृतिक इंसुलिन बढ़ाता है और शुगर कंट्रोल करता है।
  • जामुन के बीज: इसका पाउडर रोजाना खाली पेट लेने से फायदा मिलता है।
  • नीम की पत्तियाँ: सुबह खाली पेट नीम की 4-5 पत्तियाँ चबाना लाभकारी होता है।
  • अलसी (Flax Seeds): इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर होता है जो शुगर कंट्रोल करता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने के प्रो टिप्स (Pro Tips) :

  • अपने खानपान को नियंत्रित रखें – चीनी, मैदा, चावल, मीठे फल सीमित मात्रा में लें।
  • समय पर भोजन करें और रात का खाना हल्का रखें।
  • दिनभर हाइड्रेटेड रहें – पानी और हर्बल ड्रिंक्स का सेवन करें।
  • ब्लड शुगर लेवल की नियमित जांच करें (Fasting, PP, HbA1c)।
  • मानसिक तनाव से बचें – ध्यान और मेडिटेशन करें।
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों को नियमित रूप से लें, बिना गैप के।
  • डेली व्यायाम करे, सुबह टहले, खाने और सोने से पहले भी।

diabetes  की फेमस मेडिसिन और इंसुलिन – कब लेना चाहिए?

इंसुलिन (Insulin)

इंसुलिन उन मरीजों को दी जाती है: जिनकी शुगर बहुत ज्यादा हो (>200 mg/dL), Type-1 डायबिटीज वाले गर्भवती महिलाएं (Gestational Diabetes), जब गोली (tablet) से शुगर कंट्रोल न हो।

फेमस इंसुलिन ब्रांड: Lantus (Long-acting) Humulin, Novorapid (Short-acting) Mixtard (Mixed insulin) इंसुलिन आमतौर पर सुबह खाली पेट और रात में खाने से पहले दी जाती है। डोज़ डॉक्टर तय करता है।

फेमस डायबिटीज मेडिसिन (Oral Medicines)

  • Metformin (Glycomet, Gluformin) शुरुआती स्टेज खाना खाने के बाद
  • Glimepiride (Amaryl): HbA1c > 7.5% खाना खाने से पहले
  • Januvia / Galvus : नई दवाएं, बुजुर्गों के लिए बेहतर। दिन में एक बार
  • Dapagliflozin (Forxiga): यूरिन से शुगर निकालती है। दिन में एक बार
  • Pioglitazone (Pioz) : इन्सुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाती है। डॉक्टर की निगरानी में

सभी दवाएं डॉक्टर की सलाह से ही लें, खुद से शुरू या बंद न करें।

डायबिटीज से बचाव कैसे करें?

  • हेल्दी डाइट अपनाएं – हरी सब्ज़ी, साबुत अनाज, दालें
  • रोज़ व्यायाम और योग, करेंवजन को कंट्रोल में रखें
  • नींद पूरी करें (कम से कम 7 घंटे)
  • शराब और सिगरेट से दूरी बनाएं

Diabetes  भले ही एक गंभी बीमारी है, लेकिन सही जानकारी, समय पर जाँच और जीवनशैली में बदलाव करके इसे पूरी तरह से कंट्रोल में रखा जा सकता है। छोटी-छोटी आदतें और सजगता ही इस बीमारी से बचने का सबसे बड़ा हथियार हैं।

 

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