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15 अगस्त 2025 में भारत कैसे मना रहा है आज़ादी? जानिए 7 गुप्त बातें, थीम और डिजिटल बदलाव

15 अगस्त 2025

स्वतंत्रता दिवस

15 अगस्त 2025 को भारत ने 78वां स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2025) पूरे जोश और गर्व के साथ मनाया। पर क्या आपने कभी सोचा है —”आज़ादी का मतलब सिर्फ विदेशी हुकूमत से मुक्ति है या उससे कहीं ज़्यादा?”

इस ब्लॉग में हम जानेंगे :

  • इस साल की थीम क्या है?
  • कैसे मना रहा है भारत 15 अगस्त 2025
  • आज़ादी के 7 अनसुने रहस्य
  • आज़ादी की लड़ाई का इतिहास
  • आज की पीढ़ी के लिए इसका असली मतलब

2025 की थीम क्या है? 

“हर दिल में तिरंगा, हर सोच में भारत

इस साल भारत सरकार ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के लिए जो थीम रखी है वो दिल को छू जाने वाली है –

“हर दिल में तिरंगा, हर सोच में भारत”इसका मतलब सिर्फ झंडा लगाना नहीं, बल्कि देशभक्ति को जीना है।

सरकारी स्तर पर ‘Digital India Parade’, ‘Azadi Innovation Hackathons’ और ‘Green Tiranga Drive’ जैसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश हो रही है।

7 रहस्य जो आप नहीं जानते होंगे आज़ादी के बारे में

1. 15 अगस्त क्यों चुना गया? असल में ये तारीख Lord Mountbatten की सुविधा के हिसाब से चुनी गई थी क्योंकि उसी दिन जापान ने WWII में आत्मसमर्पण किया था।

2. तिरंगे का रंग बदल चुका है!शुरुआत में तिरंगे में चरखा था, बाद में उसे अशोक चक्र में बदला गया।

3. राष्ट्रीय गान और गीत में फर्क है‘जन गण मन’ राष्ट्रीय गान है, जबकि ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत।

4. सुभाष चंद्र बोस का झंडा लहराना1943 में आज़ाद हिन्द फौज ने अंडमान निकोबार में पहली बार झंडा फहराया था।

5. भारत-पाक बंटवारे की घोषणा 14 अगस्त को हुई थीइसलिए पाकिस्तान 14 अगस्त को आज़ादी का दिन मानता है।

6. पहला भाषण — “Tryst with Destiny”पं. नेहरू ने आज़ादी की रात संसद में ये ऐतिहासिक भाषण दिया था।

7. 15 अगस्त को भारत ही नहीं, 3 और देश मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस– दक्षिण कोरिया, बहरीन और कांगो भी इसी दिन स्वतंत्र हुए थे।

2025 में क्या नया हो रहा है?

AI और डिजिटल फ्लैग सेरेमनीवर्चुअल रियलिटी में तिरंगा लहराया गया जिससे लाखों लोग घर बैठे जुड़ सके।स्मार्ट स्कूलों में डिजिटल भारत क्विजनई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को डिजिटल स्वतंत्रता की शिक्षा दी गई।Har Ghar Tiranga 2.0 अभियानइस बार सिर्फ घर पर नहीं, व्हाट्सएप डीपी, ऑनलाइन स्टोर और गाड़ियों पर झंडा लगाने का अभियान चलाया गया।

निष्कर्ष:

सिर्फ झंडा नहीं, विचारों को भी आज़ाद करें15 अगस्त 2025 सिर्फ एक तारीख नहीं, एक सोच है। इस बार तिरंगा फहराते समय अपने भीतर झांकिए — क्या आप सच में स्वतंत्र हैं? “क्योंकि असली आज़ादी तब है, जब सोच गुलाम न हो!”

 

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