शुभमन गिल 269 रन

ENG vs IND 3rd Test: रोमांचक मुकाबला और जडेजा का जुझारूपन!

क्रिकेट प्रेमियों के लिए 2025 का इंग्लैंड बनाम भारत तीसरा टेस्ट मैच एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं था, बल्कि भावनाओं, उतार-चढ़ावों और खिलाड़ियों के अटूट जज्बे की एक ऐसी कहानी थी, जिसने दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा। अंततः, इंग्लैंड ने 22 रनों के मामूली अंतर से जीत हासिल कर ली, लेकिन इस मुकाबले को हमेशा रविंद्र जडेजा की असाधारण बल्लेबाजी और भारतीय टीम के जुझारूपन के लिए याद किया जाएगा। यह मैच क्रिकेट के इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है, जहाँ हर गेंद पर किस्मत पलटी और हर पल रोमांच अपने चरम पर था।

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पहली दो पारियों का विस्तृत विश्लेषण:

मैच की शुरुआत में, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी के नायक कप्तान जो रूट रहे, जिन्होंने अपनी शानदार 104 रनों की शतकीय पारी से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। रूट ने अपनी पारी में धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया, जिससे भारतीय गेंदबाजों को उन्हें आउट करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। उनके अलावा, अन्य बल्लेबाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे इंग्लैंड एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँच पाया। भारतीय गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह और नितीश कुमार रेड्डी ने कुछ अहम विकेट चटकाए, लेकिन इंग्लिश बल्लेबाजों ने उन्हें ज्यादा हावी नहीं होने दिया।

जवाब में, भारतीय टीम ने भी जबरदस्त पलटवार किया। सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने अपनी बेहतरीन फॉर्म जारी रखते हुए एक शानदार शतक (100 रन) जड़ा। उनकी पारी में क्लास और दृढ़ता का अद्भुत संगम देखने को मिला। राहुल ने एक छोर संभाले रखा और टीम को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके साथ युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने भी अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली में 74 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। पंत की पारी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और रन गति को तेज किया। इन दोनों की पारियों की बदौलत भारत ने भी अपनी पहली पारी में ठीक 387 रन बनाकर मैच को बराबरी पर ला दिया। इंग्लैंड के लिए क्रिस वोक्स और जोफ्रा आर्चर ने अपनी तेज गेंदबाजी से कुछ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, लेकिन भारतीय मध्यक्रम ने उनके आक्रमण को बखूबी संभाला।

दूसरी पारी में इंग्लैंड का वर्चस्व और भारतीय गेंदबाजों का संघर्ष:

पहली पारी के रोमांचक बराबरी के बाद, दूसरी पारी में इंग्लैंड ने संभल कर और रणनीतिक रूप से बल्लेबाजी की। उन्होंने तेजी से रन बनाने की बजाय विकेट बचाने और भारतीय टीम पर दबाव बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। इस पारी में इंग्लैंड ने 192 रन बनाए, जिसमें एक बार फिर जो रूट (40 रन) और बेन स्टोक्स (33 रन) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने छोटी लेकिन प्रभावी साझेदारियां निभाईं, जिससे टीम को एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य निर्धारित करने में मदद मिली। भारतीय गेंदबाजों में वाशिंगटन सुंदर ने अपनी स्पिन से और मोहम्मद सिराज ने अपनी सटीक तेज गेंदबाजी से कुछ हद तक इंग्लिश बल्लेबाजों को बांधे रखा। सिराज ने विशेष रूप से प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 2/31 का योगदान दिया, लेकिन इंग्लैंड की टीम एक ऐसा स्कोर खड़ा करने में सफल रही, जो चौथी पारी में भारत के लिए मुश्किल साबित हो सकता था।

भारत की संघर्षपूर्ण दूसरी पारी और जडेजा का अविश्वसनीय जुझारूपन:

इंग्लैंड से मिले 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को शुरुआत से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम दबाव में आ गई और जीत की उम्मीदें धूमिल होती दिख रही थीं। लेकिन ऐसे नाजुक मोड़ पर रविंद्र जडेजा ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक छोर संभाला और अपनी जुझारू पारी से टीम को संभाले रखा। जडेजा ने न केवल धैर्य दिखाया, बल्कि सही समय पर बड़े शॉट भी लगाए, जिससे रन गति बनी रही। उनकी 61* रनों की नाबाद पारी एक मास्टरक्लास थी, जिसमें उन्होंने दबाव में भी संयम और आत्मविश्वास का परिचय दिया।

यह एक ऐसा पल था जब हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी सांस थामे बैठा था। जीत के लिए कुछ ही रनों की जरूरत थी और अंतिम जोड़ी क्रीज पर थी। मोहम्मद सिराज, जो जडेजा का भरपूर साथ दे रहे थे, अपनी बल्लेबाजी से कमाल कर रहे थे। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण रन बनाए और जडेजा को स्ट्राइक देते रहे। जसप्रीत बुमराह ने भी निचले क्रम में कुछ महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे भारतीय फैंस की धड़कनें तेज हो गईं। मैच अंतिम ओवर तक पहुंच गया और रोमांच अपने चरम पर था। हर गेंद पर दर्शक अपनी सीटों से उछल रहे थे।

लेकिन दुर्भाग्यवश, पारी के अंतिम ओवर में, जब जीत भारत की मुट्ठी में लग रही थी, बेन स्टोक्स की पांचवीं गेंद पर, सिराज का बल्ला गेंद को स्पेल करने के बाद स्टंप्स से टकरा गया। यह एक ऐसा क्षण था जिसने भारतीय उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। सिराज के आउट होते ही भारतीय पारी समाप्त हो गई और इंग्लैंड ने यह रोमांचक मुकाबला 22 रनों से जीत लिया।

निष्कर्ष:

भले ही भारत यह मैच हार गया हो, लेकिन रविंद्र जडेजा की अविश्वसनीय पारी और मोहम्मद सिराज व जसप्रीत बुमराह के निचले क्रम के समर्थन ने भारतीय टीम के जुझारूपन को दर्शाया। यह मैच क्रिकेट के इतिहास में एक और रोमांचक अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है, जहाँ खेल भावना और खिलाड़ियों का जज्बा साफ दिखाई दिया। यह टेस्ट मैच एक रिमाइंडर है कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और आखिरी गेंद तक कुछ भी हो सकता है। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और रविंद्र जडेजा ने दिखाया कि क्यों उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में से एक माना जाता है। इस मैच ने साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि जुनून, धैर्य और अप्रत्याशितता का भी खेल है।

मैच के मुख्य आकर्षण:

  • जो रूट का शानदार शतक (104 रन) और दूसरी पारी में महत्वपूर्ण 40 रन।
  • केएल राहुल का जुझारू शतक (100 रन)।
  • रविंद्र जडेजा की अविश्वसनीय नाबाद 61 रन की शानदार पारी, जो अंत तक टीम को संभाले रही।
  • जसप्रीत बुमराह और क्रिस वोक्स की धारदार गेंदबाजी।
  • अंतिम क्षणों तक जारी रहा रोमांच, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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