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बरसात में क्या खाएं? जानिए Scientific Monsoon Diet और हेल्दी खाने के 5 तरीके

बरसात में क्या खाएं

बरसात में क्या खाएं?

क्या आपने कभी सोचा है कि बारिश के मौसम में बीमारियां इतनी जल्दी क्यों फैलती हैं? मानसून का मौसम जितना रोमांटिक लगता है, तब मन में एक ही सवाल की बरसात में क्या खाएं? लेकिन उतना ही यह हमारी सेहत के लिए एक चुनौती बन जाता है। इस मौसम में गलत खानपान आपकी immunity को कमजोर कर देता है, जिससे वायरल फीवर, पेट दर्द, सर्दी-खांसी जैसी बीमारियां पनपने लगती हैं।इसीलिए जरूरी है कि हम जाने — बरसात में क्या खाना सही है, क्या नहीं, और कौन से ऐसे घरेलू और साइंटिफिक उपाय हैं जो इस मौसम में सेहत का ख्याल रखने में मदद करते हैं।

बारिश के मौसम में क्या खाना चाहिए?

1. ताजा पका हुआ और हल्का खाना ही क्यों जरूरी है?

मानसून के मौसम में हमारे पाचन तंत्र (digestive system) की ताकत कम हो जाती है। इसलिए अगर आप हैवी, तला-भुना, या बहुत ज्यादा मसालेदार खाना खा लेते हैं तो वह पच नहीं पाता और पेट में गैस, जलन, और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।इसीलिए इस मौसम में खिचड़ी, मूंग दाल, दाल-चावल, रोटी-सब्ज़ी जैसे साधारण लेकिन पोषण से भरपूर भोजन करना सबसे बेहतर रहता है। इन्हें पचाना आसान होता है और शरीर को जरूरी एनर्जी भी मिलती है।

2. Herbal Tea और आयुर्वेदिक काढ़ा कैसे immunity बढ़ाते हैं?

बारिश के मौसम में चाय की तलब तो लगती ही है, लेकिन अगर आप तुलसी, अदरक, काली मिर्च और दालचीनी से बना हुआ हर्बल काढ़ा या टी लें, तो वह केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि इम्यूनिटी भी बढ़ाता है। यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और गले, पेट, व स्किन से जुड़ी समस्याओं से सुरक्षा देता है। खासकर, सुबह या शाम को एक कप काढ़ा बहुत लाभदायक होता है।

3. सीजनल फल और सब्जियां क्यों फायदेमंद हैं?

बरसात में मौसमी फल जैसे सेब, पपीता, अमरूद और नाशपाती शरीर को जरूरी विटामिन और फाइबर प्रदान करते हैं। वहीं लौकी, तुरई, भिंडी जैसी सब्जियां हल्की होती हैं और इनमें पानी की मात्रा भी अधिक होती है, जिससे शरीर हाइड्रेटेड और कूल बना रहता है। फलों और सब्जियों को अच्छे से धोकर और छीलकर ही खाएं ताकि उनमें लगे कीटाणुओं का खतरा न रहे।

4. दही और छाछ: कब और कितना लेना सही है?

दही और छाछ शरीर के लिए बहुत लाभकारी होते हैं क्योंकि इनमें probiotics होते हैं जो हमारे पाचन तंत्र को ठीक रखते हैं। लेकिन बारिश के मौसम में इनका सेवन सिर्फ दिन में ही करें, क्योंकि रात को ये शरीर में कफ उत्पन्न कर सकते हैं। छाछ में थोड़ा सा भुना हुआ जीरा मिलाकर पिएं तो यह और भी फायदेमंद होता है।

5. हल्दी, अजवाइन, जीरा: ये छोटी चीजें कैसे बड़ा असर डालती हैं?

आपके किचन में मौजूद हल्दी, अजवाइन, जीरा, काली मिर्च जैसी चीजें छोटी जरूर हैं, लेकिन इनका असर बड़ा होता है। ये न केवल स्वाद बढ़ाती हैं बल्कि इनमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। आप इन्हें सब्जियों में डाल सकते हैं, काढ़े में ले सकते हैं या पानी में उबालकर भी पी सकते हैं।

बरसात में क्या नहीं खाना चाहिए? (Rainy Season Food Avoid List)

1. स्ट्रीट फूड और तले-भुने स्नैक्स से दूरी क्यों? बरसात में सड़क किनारे मिलने वाला खाना जल्दी संक्रमित हो जाता है क्योंकि पानी और गंदगी बैक्टीरिया और वायरस को पनपने का मौका देती है। पकौड़े, समोसे, चाट, गोलगप्पे आदि खाने में भले मजा आए लेकिन इनके साथ बीमारियां भी मुफ्त में आती हैं।

2. खुले कटे फल और कच्ची पत्तेदार सब्जियां से क्यों बचें? खुले में रखे फल या बिना सही सफाई के काटी गई सब्जियां बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन का बड़ा कारण बन सकते हैं। खासकर पालक, मेथी और धनिया जैसी पत्तेदार सब्जियों में बरसात के समय कीड़े और मिट्टी लगे होते हैं जो पेट खराब कर सकते हैं।

3. कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम: मानसून में खतरनाक मिठासठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स या बर्फ वाले शरबत इस मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कम करते हैं और गले को सेंसिटिव बना देते हैं। इससे सर्दी, खांसी और गले में खराश हो सकती है।

मानसून हेल्थ टिप्स (Rainy Season Health Tips in Hindi)

  • हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं
  • हाथ धोने की आदत बनाएं, खासकर खाना खाने से पहले
  • किचन को साफ और सूखा रखें ताकि फंगस न फैले
  • बाहर के खाने और खुले पानी से दूर रहें
  • रोज कम से कम 20 मिनट की हल्की physical activity करें

आयुर्वेदिक नजरिया: त्रिदोष संतुलन और मौसम के अनुसार भोजन

आयुर्वेद के अनुसार, मानसून में वात और पित्त दोष असंतुलन में रहते हैं। इसलिए इस मौसम में भोजन को सात्विक, गर्म, और सुपाच्य रखना बेहद जरूरी होता है।आयुर्वेद में त्रिफला, गिलोय, तुलसी, शहद आदि का सेवन इस मौसम में immunity बढ़ाने और रोगों से बचाव के लिए बताया गया है। साथ ही, नींद पूरी लेना, समय पर भोजन करना और शरीर को डिटॉक्स करना भी आवश्यक है।

बारिश का मौसम सुंदर तो होता है लेकिन यह आपकी सेहत की असली परीक्षा भी है। अगर आप अपने भोजन और जीवनशैली को मौसम के अनुसार ढाल लें, तो आप कई बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं। यह सिर्फ खानपान नहीं, बल्कि एक सावधानी और समझदारी का तरीका है, जिससे आप इस खूबसूरत मौसम का मजा बिना बीमार हुए ले सकते हैं।

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